USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं? – स्टेप बाय स्टेप टयूटोरिअल

USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं? – स्टेप बाय स्टेप टयूटोरिअल

क्या आप भी अपनी USB को बूटेबल बनना चाहते है? क्या आप भी अपनी पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के तरीके ढूंढ रहे है? क्या भी विंडोज, मैक, और लिनक्स को पेनड्राइव के जरिये इनस्टॉल करना चाहते है? अगर आपका जवाब हाँ है तो आप बिलकुल सही आर्टिकल पर आए है। इस आर्टिकल में USB/पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के 4 आसान तरीके – स्टेप बाय स्टेप टयूटोरिअल बताया गया है।

आप बहुत आसानी से अपनी खुद की एक बूटेबल पेनड्राइव बना सकते हैं और विंडोज, मैक या लिनक्स को इनस्टॉल कर सकते है। जब आपको अपने कंप्यूटर पर ऑपरेटिंग सिस्टम को इन्स्टॉल या रिपेयर करना हो, तब बूटेबल USB या पेनड्राइव का होना बहुत ही फायदेमंद होता है। इस आर्टिकल में आपको स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस बताया गया है की किसी भी USB या पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं।

बूटेबल पेनड्राइव या बूटेबल USB क्या होता है?

काफी लोगो ने बूटेबल पेनड्राइव या बूटेबल USB के बारे में सुना होगा लेकिन शायद सबको इसके बारे में नहीं पता होगा। चलिए सबसे पहले यही समझते है की बूटेबल पेनड्राइव या बूटेबल USB होता क्या है।

हम किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम को जब इनस्टॉल करते है तो ये उस तरह से इनस्टॉल नहीं होता है जैसे किसी सॉफ्टवेयर या एप्लीकेशन को किया जाता है। इसका फॉर्मेट और इनस्टॉल करने का तरीका बिलकुल अलग होता है।

किसी भी पेनड्राइव को बूटेबल बनाते है तो इसका मतलब होता है की पेनड्राइव को ऑपरेटिंग सिस्टम या कोई स्पेशल सॉफ्टवेयर (जैसे Hiren’s BootCD) को कंप्यूटर में स्पेशल तरीके से इनस्टॉल करने लायक बना रहे है।

बूटेबल पेनड्राइव बनाने के लिए क्या कोई स्पेशल पेनड्राइव का इस्तेमाल किया जाता है? पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के लिए आपको किसी भी तरह की स्पेशल पेनड्राइव की जरुरत नहीं होती है। आपकी नार्मल पेनड्राइव को ही बूटेबल बनाया जाता है

पहले ऑपरेटिंग सिस्टम (विंडोज, मैक या लिनक्स) को पेनड्राइव में इनस्टॉल किया जाता है। जब ये ऑपरेटिंग सिस्टम पेनड्राइव में इनस्टॉल हो जाते है तब हम उस पेनड्राइव को एक बूटेबल पेनड्राइव कहते है और फिर उस ही पेनड्राइव के जरिये उस OS (Operating System) को हम अपने कंप्यूटर या लैपटॉप में इनस्टॉल करते है।

USB/पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के 4 आसान तरीके – स्टेप बाय स्टेप टयूटोरिअल

बूटेबल पेनड्राइव बनाने के लिए आपको कम से कम 8GB की पेनड्राइव, कुछ सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम (जिस OS को इनस्टॉल करना है) की इमेज फाइल (जो आमतौर पर ISO या IMG फॉर्मेट में होती है) चाहिए।

मगर सबसे पहले आपको अपनी पेनड्राइव बिलकुल खली करनी होगी। यानि की कोई भी काम का डाटा उसमे नहीं होना चाहिए क्यूंकि जब पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के लिए जब उसका फॉर्मेट बदला जाएगा तब उसके लिए पेनड्राइव को फॉर्मेट करना होता है, जिससे सभी डाटा अपने आप डिलीट हो जाता है। उसके बाद ही वो बूटेबल फॉर्मेट में कन्वर्ट हो पाएगी।

हालाँकि, सॉफ्टवेयर अपने आप ये सारा काम कर देगा आपको बस इतना ध्यान रखना है की पेनड्राइव बिलकुल खली हो। यानि की सभी डाटा को उसमे से किसी दूसरे डिवाइस या कंप्यूटर/लैपटॉप में कॉपी कर दे ताकि वो सुरक्षित रहे।

बाकि USB को बूटेबल कैसे बनाएं जानने के लिए नीचे स्टेप बाय स्टेप समझाया हुआ है।

Rufus के ज़रिये USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं?

Rufus का इस्तेमाल आप केवल उसी कंप्यूटर पर कर सकते है जिसमे पहले से ही विंडोज इनस्टॉल हो, क्यूंकि ये खासतौर पर केवल विंडोज PC के लिए ही बनाया गया है। अभी तक ये लिनक्स प्लेटफार्म के लिए नहीं बना है। हालाँकि आप इसका इस्तेमाल करके भी विंडोज और लिनक्स दोनों के लिए बूटेबल पेनड्राइव बना सकते हो।

स्टेप 1: सबसे पहले Rufus सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करे। हमेशा लेटेस्ट वर्जन ही डाउनलोड करे।

स्टेप 2: Rufus डाउनलोड होने के बाद उस पर डबल क्लिक करे फिर YES पर क्लिक करे। अब Rufus आपके सामने खुल खाया होगा।

स्टेप 3: अब पेनड्राइव को अपने सिस्टम में लगाए।

सिस्टम में पेनड्राइव या USB ड्राइव लगाते ही ये अपने आप डिटेक्ट कर लेगा। लेकिन अगर सिस्टम में 2 या 3 या उससे ज्यादा USB डिवाइस लगे हुए होंगे तो हो सकता है की खुद से गलत ड्राइव या डिवाइस को सेलेक्ट कर ले, तब आप को खुद सही USB ड्राइव सेलेक्ट करना होगा।

स्टेप 4: अब Disk or ISO image ऑप्शन को सेलेक्ट करे।

स्टेप 5: अब Select बटन पर क्लिक करे ISO फाइल को सेलेक्ट करे। जहाँ पर आपने विंडोज, मैक या लिनक्स की ISO फाइल डाउनलोड की थी उस फाइल को सेलेक्ट करे।

स्टेप 6: ध्यान रहे Partition Scheme में MBR ही सेलेक्ट हो। तब भी आपका USB बूटेबल बन पाएगी।

स्टेप 7: अब Volume Label में कुछ भी नाम रख सकते है। ये बस आपकी पेनड्राइव का नाम ही चेंज करेगा जिसे आप बाद में कभी भी बदल सकते है। ये स्टेप पूरी तरह से ऑप्शनल है, अगर नाम नहीं बदलेंगे तब भी कोई प्रॉब्लम नहीं है।

स्टेप 8: अगर आपने लिनक्स की ISO सेलेक्ट करी है तब File System में FAT32 सेलेक्ट होना चाहिए। अगर अपने विंडोज की ISO सेलेक्ट करी है तो NTFS सेलेक्ट होना चाहिए। वैसे तो ये अपने आप ही सेलेक्ट कर लेता है।

विंडोज के लिए File System में NTFS सेलेक्ट करे।
लिनक्स के लिए File System में FAT32 सेलेक्ट करे।

स्टेप 9: अब बाकि सभी सेटिंग को डिफ़ाल्ट रहने दे और Start बटन पर क्लिक करे फिर OK बटन पर क्लिक करे।

लिनक्स के लिए

अगर आप लिनक्स ISO से USB को बूटेबल बनाते है तब आपको आपको स्टेप 10 और स्टेप 11 को फॉलो करना होगा। विंडोज के लिए बूटेबल बना रहे है तब इन दो स्टेप की जरुरत नहीं होगी। यानि की लिनक्स के लिए बूटेबल पेनड्राइव बना रहे है तब स्टेप 10 और स्टेप 11 को फॉलो करे।

स्टेप 10: अब Write ISO image mode (recommended) को सेलेक्ट करे फिर OK पर क्लिक करे।

स्टेप 11: अब फिर से OK पर क्लिक करे।

अब आप की पेनड्राइव बूटेबल हो चुकी है और बड़ी ही आसानी से किसी भी कंप्यूटर में विंडोज या लिनक्स को इनस्टॉल कर सकते है।

इसमें बस यही एक कमी है की इसका इस्तेमाल केवल विंडोज कंप्यूटर पर ही कर सकते है। अगर आपके कंप्यूटर लिनक्स या मैक पहले से इनस्टॉल है तब ये उसमे काम नहीं करेगा।

BalenaEtcher के ज़रिये USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं?

BalenaEtcher सभी प्लेटफार्म के लिए उपलब्ध है जैसे की विंडोज, मैक और लिनक्स। BalenaEtcher किसी भी ऑपरेटिंग सिस्टम से USB/पेनड्राइव को बूटेबल बनाने का सबसे आसान तरीका है।

अगर ISO फाइल नहीं है तब भी आप डायरेक्ट उसकी URL से पेनड्राइव को बूटअबले बना सकते है। इसमें मुझे ये सबसे बढ़िया ऑप्शन लगा। इससे ISO फाइल को डाउनलोड करना फिर पेनड्राइव को बूटेबल बनाने का जो डबल टाइम है वो बच जाता है। इस ऑप्शन के ज़रिये ये फाइल ISO फाइल डाउनलोड करने के साथ साथ पेनड्राइव को बूटेबल भी बनाता जाता है।

स्टेप 1: सबसे पहले BalenaEtcher सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करे।

स्टेप 2: BalenaEtcher डाउनलोड होने के बाद उस पर डबल क्लिक करे उसे ओपन करे।

स्टेप 3: अब पेनड्राइव को अपने सिस्टम में लगाए।

स्टेप 4: अब आपको तीन ऑप्शन दिखाई देंगे Flash from file, Flash from URL और Clone drive

Flash from file – अगर आपके पास पहले ISO फाइल डाउनलोड की हुई है और उस ISO फाइल के ज़रिये पेनड्राइव को बूटेबल बनाना चाहते है ता इस ऑप्शन क्लिक करके ISO को सेलेक्ट करे, जो आपके कंप्यूटर में सेव है।

Flash from URL – अगर आपके पास ISO या दूसरे कोई भी फाइल नहीं और डायरेक्ट ऑनलाइन ISO फाइल की लिंक से बूटेबल डिवाइस बनाना चाहते है तब इस पर क्लिक करे के ISO फाइल की डायरेक्ट डाउनलोड लिंक पेस्ट करे।

Clone drive – कई जब हम लैपटॉप लेते है तो पहले से ही एक ड्राइव बूटेबल बानी हुई आती है आप उस ड्राइव का इस्तेमाल करे भी पेनड्राइव को बूटेबल बना सकते है। तब आपको ये वाला ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा।

मैंने Flash from file ऑप्शन सेलेक्ट किया है।

स्टेप 5: अब Select target पर क्लिक करे और पेनड्राइव को सेलेक्ट करे जिसे बूटेबल बनाना है।

Select target पर क्लिक करे
पेनड्राइव को सेलेक्ट करे

स्टेप 6: अब Flash बटन पर क्लिक करे फिर YES बटन पर क्लिक करे।

अब आप की पेनड्राइव बूटेबल हो चुकी है और बड़ी ही आसानी से किसी भी कंप्यूटर में विंडोज या लिनक्स को इनस्टॉल कर सकते है।

Universal USB Installer (UUI) के ज़रिये USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं?

Universal USB Installer का इस्तेमाल मैं सबसे ज्यादा करता हूँ क्यूंकि ये सभी ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए बूटेबल बनाता है। इसके ज़रिये आप किसी भी लिनक्स (Ubuntu, Mint, Kali, Red Hat, इत्यादि), OS टूल्स (Hiren’s Boot CD, Falcon 4 Boot CD, Partition Boot, इत्यादि), Security, लाइव एंटीवायरस जैसी कई बूटेबल पेनड्राइव, USB, CD या DVD बना सकते हो। इसके अलावा और भी कई ऑप्शन है।

स्टेप 1: सबसे पहले Universal USB Installer सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करे।

स्टेप 2: अब पेनड्राइव को अपने सिस्टम में लगाए।

स्टेप 3: अब Universal USB Installer पर डबल क्लिक करके फिर Yes बटन पर क्लिक करे और फिर I Agree पर क्लिक करे। अब Universal USB Installer खुल गया होगा।

स्टेप 4: अब सबसे पहले आपको सेलेक्ट करना होगा की आप बूटेबल किस ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए बना रहे है। जैसे की Ubuntu, Windows, Linux Mint या कोई दूसरा ऑपरेटिंग सिस्टम।

स्टेप 5: अब Browse बटन पर क्लिक करके ISO फाइल को सेलेक्ट करे।

अगर ISO फाइल आपके कंप्यूटर में पहले से लेकिन Browse बटन पर क्लिक करने नहीं दिख रही है, तो Show all ISOs पर क्लिक करे। इससे जितनी भी ISO फाइल आपके कंप्यूटर में होगी वो सभी दिखने लगेगी।

मैंने विंडोज 10 सेलेक्ट किया है।

स्टेप 6: अब ड्रापडाउन मेनू में से अपनी पेनड्राइव को सेलेक्ट करे।

स्टेप 7: अगर आपने लिनक्स की ISO सेलेक्ट करी है तो FAT32 Format Drive को सेलेक्ट करे। अगर अपने विंडोज की ISO सेलेक्ट करी है तो NTFS Format Drive को सेलेक्ट करे।

NTFS केवल विंडोज में ही सपोर्ट करता है लेकिन FAT32 विंडोज और लिनक्स दोनों में ही सपोर्ट करता है।

स्टेप 8: अब Wipe Entire Disk को सेलेक्ट करे।

स्टेप 9: अब Create बटन पर क्लिक करे। इसके बाद कुछ पॉपअप खुलेंगे किसी को भी बंद ना करे।

स्टेप 10: अब Yes पर क्लिक करे फिर से Yes पर क्लिक करे। अब ये पेनड्राइव को बूटेबल बना रहा है।

Yes पर क्लिक करे
Yes पर क्लिक करे
अब पेनड्राइव को बूटेबल बन रही है।
अब पेनड्राइव को बूटेबल बन रही है। प्रोसेस पूरा इंतजार करे।

स्टेप 11: जब ये प्रोसेस पूरा हो जाएगा तब Process is Complete! लिखा हुआ दिखाई देगा फिर Close बटन पर क्लिक करके इसे बंद कर दे।

प्रोसेस पूरा होने पर आपको इस तरह की विंडो दिखाई देगी। Close बटन पर क्लिक करे के इसे बंद कर दे।

अब आप की पेनड्राइव बूटेबल हो चुकी है और बड़ी ही आसानी से किसी भी कंप्यूटर में विंडोज या लिनक्स को इनस्टॉल कर सकते है।

कमांड प्रॉम्ट के ज़रिये USB/पेनड्राइव को बूटेबल कैसे बनाएं?

अभी तक हमने पेनड्राइव बूटेबल बनाने के लिए टूल्स का इस्तेमाल किया था। लेकिन इस में आपको बस उस ऑपरेटिंग सिस्टम की ISO या इमेज फाइल चाहिए जिसे इनस्टॉल करना चाहते है।

जिस कंप्यूटर या लैपटॉप में पहले से विंडोज़ (7/8/8.1/10/11) ऑपरेटिंग सिस्टम इनस्टॉल होगा केवल उसी के ज़रिये कमांड प्रांप्ट का इस्तेमाल करके USB/पेनड्राइव को बूटेबल बना सकते है।

Linux के लिए थर्ड पार्टी टूल का इस्तेमाल किए बिना बूटेबल USB डिवाइस नहीं बनाया जा सकता है। विंडोज 7 से पहले के वर्जन में ये तरीका काम नहीं करेगा। आइए जानते है की ये कैसे काम करता है:

स्टेप 1: सबसे पहले Windows Key + S बटन को दबाए फिर Command Prompt या CMD टाइप करे। अब Run as administrator पर क्लिक करे।

स्टेप 2: अब पेनड्राइव को कंप्यूटर से लगाए।

स्टेप 3: कमांड प्रांप्ट में diskpart टाइप करके एंटर दबाएं।

स्टेप 4: अपने सिस्टम पर सभी अवेलेबल स्टोरेज डिवाइसों की लिस्ट देखने के लिए list disk टाइप करके एंटर दबाएं।

स्टेप 5: वो डिस्क चुनें जो आपकी पेनड्राइव है। डिस्क चुनने के लिए select disk 1 टाइप करें और एंटर दबाएं।

आमतौर पर, ये Disk 1 होती है, लेकिन ये कई कंप्यूटर में अलग भी हो सकती है। अपनी USB डिस्क ध्यान से चुने क्योंकि ये फॉर्मेट हो जाएगी। नॉर्मली इसके साइज से पता चल जाएगा।

A. अगर आपको नहीं पता है की कौन सी वाली USB ड्राइव है जिसे आप बूटेबल बनना चाहते है तो ये स्टेप फॉलो करे। Windows Key + R दबाए अब diskmgmt.msc टाइप करके एंटर करे।

B. अब उस USB डिवाइस को क्लिक करे जिसे बूटेबल बनाना है निचे डिस्क 0 या डिस्क 1 दोनों में जो भी वो होगी हाईलाइट हो जाएगी। तब आपको पता चल जाएगा की कौन वाली USB ड्राइव है जिसे आपको बूटेबल बनाना है।

स्टेप 6: अब clean टाइप करके एंटर दबाए। इससे पेनड्राइव में मौजूदा डेटा को हैट जाएगा वो फॉर्मेट हो जाएगी।

स्टेप 7: अब create partition primary टाइप करके एंटर दबाए।

स्टेप 8: अब select partition 1 टाइप करके एंटर दबाए।

स्टेप 9: अब format=fs NTFS टाइप करके एंटर दबाए। इससे पेनड्राइव NTFS फॉर्मेट में हो जाएगी क्युकी विंडोज NTFS में ही डाटा को स्टोर करता है।

स्टेप 10: अब active टाइप करके एंटर दबाए।

स्टेप 11: DISKPART से बाहर निकलने के लिए exit टाइप करें एंटर दबाएं। अब कमांड प्रांप्ट को बंद कर दे।

स्टेप 12: अब OS (Windows/Linux/etc.) इंस्टालेशन डिस्क या ISO फाइल से सभी डेटा को अपने USB ड्राइव में कॉपी करें जिसे अभी बूटेबल बनाया है।

कैसे पता करे कि USB/पेनड्राइव बूटेबल है या नहीं?

अब हमने पेनड्राइव को बूटेबल तो बनालिया लेकिन ये कैसे पता चलेगा की ये वाकई में बूटेबल बनी भी है या नहीं? कैसे पता चलेगा की हमारे कंप्यूटर में OS इनस्टॉल कर भी पाएगी या नहीं?

ड्राइव बूटेबल ये चेक करने के लिए हम थर्ड पार्टी सॉफ़्टवेयर MobaLiveCD है, जो Qemu सिस्टम इम्यूलेशन सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करता है। ये एक ad-hoc वर्चुअल मशीन चलाएगा और आपके USB डिवाइस को उसमे बूट करेगा। अगर बूटेबल विंडो खुल जाती है इसका मतलब ये USB ड्राइव बूटेबल बन चुकी है। आइए स्टेप बाय स्टेप जानते है:

स्टेप 1: सबसे पहले MobaLiveCD टूल को डाउनलोड करे।

स्टेप 2: अब उस पर राइट क्लिक करके Run as administrator पर क्लिक करे फिर Yes बटन पर क्लिक करे।

अगर आपने Run as administrator नहीं किया, तो आपको “Setup cannot copy the file kqemu.sys” एरर दिखाएगा।

स्टेप 3: अब Run the LiveUSB बटन पर क्लिक करे।

स्टेप 4: अब ड्रॉप-डाउन मेनू से USB ड्राइव या पेनड्राइव को चुनें जिसे आप बूटेबल बनाना चाहते हैं। मैंने F:/ ड्राइव को चुना है क्यूंकि ये मेरी पेनड्राइव का ड्राइव लेटर है।

USB ड्राइव या पेनड्राइव को सेलेक्ट करे।
USB/पेनड्राइव सेलेक्ट करने के बाद OK बटन पर क्लिक करे।

स्टेप 5: जब आपकी वर्चुअल मशीन के लिए हार्ड डिस्क बनाने के लिए पूछेगा, तब No बटन पर क्लिक करें। यानी की अब आपको No बटन पर क्लिक करना है।

स्टेप 6: Qemu एमुलेटर USB ड्राइव को बूट करेगा।

अब आपको कमांड प्रॉम्प्ट दिखाई देगा। इसका मतलब है कि वर्चुअल मशीन USB ड्राइव को बूट करने की कोशिश कर रही है।

स्टेप 7: अगर आपको बूटिंग स्क्रीन दिखाई देती हैं, तो इसका मतलब है कि आपकी ड्राइव बूटेबल बन चुकी है।

ये Linux Mint का बूट मेनू है। अगर बूट मेनू दिखाई देता है इसका मतलब पेनड्राइव बूटेबल बन चुकी है।

अब अपने कंप्यूटर को फॉर्मेट करके उसमे विंडोज या लिनक्स इनस्टॉल कर सकते है।

USB ड्राइव या पेनड्राइव को बूटेबल बनाने के क्या फायदे है?

  • पेनड्राइव को हम फिर से काम में ले सकते है लेकिन CD / DVD को नहीं। CD में एक बार डाटा राइट कर दिया तो उसे हटा नहीं सकते लेकिन पेनड्राइव कितनी भी बार लग अलग डाटा दाल सकते हो।
  • पेनड्राइव को कई अलग अलग OS के बूटेबल बना सकते है लेकिन CD को एक OS के लिए इस्तेमाल कर सकते है। इससे CD को हर बार खरीदना होता है लेकिन एक पेनड्राइव कई बार दूसरी एक्टिविटी में काम आ जाती है। जिससे पैसे बच जाते है।
  • पेनड्राइव में लम्बे समय तक डाटा सुरक्षित रहता है CD में एक बार स्क्रैच लग गया तो वो ख़राब हो जाती है।
  • पेनड्राइव को कही भी बड़ी ही आसानी से लेकर जा सकता है लेकिन CD का टूटने या स्क्रैच अपने का  डर होता है।
  • बूटेबल पेनड्राइव में अपनी फाइल या फोल्डर भी कॉपी कर सकते हो लेकिन CD में नहीं।
  • पेनड्राइव CD के मुकाबले काफी ज्यादा फ़ास्ट होती है।

अगर कोई एक तरीका समझ में ना आए या काम ना करे तब बाकि तरीको का इस्तेमाल कर सकते है। धयान रहे की हमेशा लेटेस्ट सॉफ्टवेयर का ही इस्तेमाल करे, क्यूंकि अगर कोई नया ऑपरेटिंग सिस्टम आया होगा या नया वर्जन लांच हुआ होगा तो लेटेस्ट सॉफ्टवेयर में उसको अपडेट किया गया होगा जिससे नया वर्जन आसानी से सपोर्ट कर पाएगा और एरर नहीं आएगी।

अगर आपके पास ऑपरेटिंग सिस्टम की ISO फाइल नहीं है तो ऊपर दी हुई लिंक पर क्लिक करके डाउनलोड कर सकते है। ऊपर केवल सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली OS की ही डाउनलोड URL दी गई है। ISO फाइल हमेशा ऑफिसियल वेबसाइट से ही डाउनलोड करे नहीं तो वायरस या मैलवेयर आपके कंप्यूटर या लैपटॉप में आ सकते है।

कई तरह की लिनक्स उपलब्ध है जिनमे से हमे केवल कुछ ही के बारे में पता है। ऊपर तीन पॉपुलर टूल के ज़रिये USB को को बूटेबल बनाने के तरीके बताए गए है। हालाँकि इनके अलावा और भी कई सॉफ्टवेयर है जिसका इस्तेमाल करके USB/पेनड्राइव को बूटेबल बनाया जा सकता है। अगर आप चाहे तो उनका इस्तेमाल भी कर सकते है।

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Dharmendra Author on Web Janakari

मेरा नाम धर्मेंद्र मीणा है, मुझे तकनीक (कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन्स, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, इत्यादि) से सम्बन्धी नया सीखा अच्छा लगता है। जो भी में सीखता हु वो मुझे दुसरो के साथ शेयर करना अच्छा लगता है। इस ब्लॉग को शुरू करने का मेरा मकसद जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक हिंदी में पहुंचना है।

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