डोमेन नाम क्या है? सभी वेबसाइट और ब्लॉग के लिए डोमेन क्यों जरुरी है?

डोमेन नाम क्या है - What is Domain Name in Hindi

डोमेन नाम स्ट्रिंग ऑफ़ टेक्स्ट है जो IP एड्रेस से जुड़ा होता है जो कि नंबर में होता है, जिसका इस्तेमाल क्लाइंट सॉफ़्टवेयर (ब्राउज़र) से वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए करता है।

डोमेन नाम एक या एक से ज्यादा IP एड्रेस को पहचानने का एक तरीका है। उदाहरण के लिए, डोमेन नाम google.com IP एड्रेस “74.125.127.147” को पॉइंट करता है।

इतना लम्बा IP एड्रेस को याद रख पाना बहुत मुश्किल होता है। इसीलिए डोमेन नाम की जरुरत पड़ी, इतना लम्बा नंबर (74.125.127.147) याद रखने के बजाय किसी नाम को याद रखना आसान होता है।

सिंपल भाषा में, डोमेन नाम वो टेक्स्ट है जिसे यूजर किसी पर्टिकुलर वेबसाइट को एक्सेस करने के लिए ब्राउज़र के एड्रेस बार में टाइप करता है। उदाहरण के लिए, गूगल का डोमेन नाम ‘google.com’ है, वेब जानकारी का डोमेन नाम ‘webjanakari.in’ है, विकिपीडिया का डोमेन नाम ‘wikipedia.org’ है।

डोमेन नाम कैसे काम करता है?

जब आप अपने वेब ब्राउज़र में डोमेन नाम टाइप करके जब एंटर करते हो, तब आपकी रिक्यूएस्ट को ग्लोबल नेटवर्क सर्वर पर भेजा जाता है जो डोमेन नाम सिस्टम (DNS) बनाते है, जो इंटरनेट की फोनबुक की तरह होता है।

डोमेन नाम कैसे काम करता है?

सर्वर तब डोमेन से रिलेटेड नाम सर्वर को सर्च करता है और उस नाम सर्वर को रिक्यूएस्ट फॉरवर्ड कर देता है। नाम सर्वर बड़े कंप्यूटर होते हैं, जिन्हें होस्टिंग कंपनियों द्वारा मैनेज किया जाता है। होस्टिंग कंपनी उस वेब सर्वर को रिक्यूएस्ट फॉरवर्ड करती है जहां आपकी साइट स्टोर होती है। वेब सर्वर रिक्यूएस्ट किये गए वेब पेज या जानकारी को ढूंढ़ कर निकलता है और इसे ब्राउज़र को फॉरवर्ड कर देता है।

नाम सर्वर डोमेन को सर्वर से जोड़ता है जिससे सर्वर को उस डोमेन का IP एड्रेस पता चलता है। नाम सर्वर दिखने में एक डोमेन नाम जैसा ही होता है। हर एक होस्टिंग कंपनी का नाम सर्वर होता है। उदाहरण के लिए अगर अपने होस्टिंगर से डोमेन ख़रीदा है तो उसका नाम सर्वर कुछ इस तरह से दिखाई देगा:

  • ns1.dns-parking.com
  • ns2.dns-parking.com

डोमेन नेम सिस्टम को इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइन्ड नेम्स एंड नंबर्स (ICANN) द्वारा मैनेज किया जाता है। ये एक नॉन-प्रॉफिट आर्गेनाइजेशन है जो डोमेन नामों के लिए नीतियां बनाती और उन्हें लागू करती है।

ICANN डोमेन नेम रजिस्ट्रार कंपनियों को डोमेन नाम बेचने के लिए परमिशन देता है। ये उन्हें आपकी ओर से डोमेन नाम रजिस्ट्री में फेरबदल करने, और डोमेन नाम बेचने, उनके रिकॉर्ड मैनेज करने, रीन्यू करने और दूसरे रजिस्ट्रारों को ट्रांफर करने की भी परमिशन देता है। 

एक डोमेन नाम के मालिक के रूप में, आपको अपने डोमेन रजिस्ट्रेशन की समय सीमा समाप्त होने से पहले उसे रीन्यू करा लेना चाहिए।

डोमेन नाम के प्रकार

डोमेन नाम कई अलग-अलग एक्सटेंशन में उपलब्ध हैं। इनमे सबसे पॉपुलर .com है। इसके अलावा कई दूसरे ऑप्शन भी हैं जैसे की .org, .net, .tv, .info, .io, और भी बहुत है।

डोमेन नाम 6 प्रकार के होते है। आइए सभी प्रकार के डोमेन नामों के बारे में विस्तार से जानते है:

डोमेन के प्रकार
  1. TLD (Top Level Domains)

हर एक वेबसाइट की URL दो अलग-अलग भागों में बंटी होती है। टॉप-लेवल डोमेन (TLD), जिन्हें डोमेन नाम एक्सटेंशन भी कहते है, ये वो भाग होता हैं जो आपके प्राइमरी डोमेन नाम के ठीक बाद आता है। उदाहरण के लिए, google.com में .com एक डोमेन नाम एक्सटेंशन यानी कि एक TLD है।

हालाँकि, .com के अलावा और भी कई TLD हैं। आप दर्जनों विकल्पों में से चुन सकते हैं, जैसे .net, .blog, या .io (जो शुरू में एक देश कोड था लेकिन तब से तकनीकी समुदाय के लिए सह-चुना गया है)।

कई सारे TLD है जिसमे से आप अपने लिए डोमेन चुन सकते है, जैसे की .net, .blog, .in इत्यादि। टॉप-लेवल डोमेन की पूरी लिस्ट। कुछ कॉमन TLD जो आपको अक्सर देखने को मिलते है:

  • .com (commercial)
  • .org (organization)
  • .net (network)
  • .gov (government)
  • .edu (education)
  • .name (name)
  • .biz (business)
  • .info (information)

आपने शायद .com, .net, .org और कुछ दूसरे TLD देखे होंगे। हालाँकि, जैसे-जैसे इंटरनेट का विस्तार होता गया, वैसे-वैसे यूनिक डोमेन की जरुरत भी बढ़ती गई। इसीलिए ICANN ने वेबसाइट के लिए नए डोमेन ऑप्शन देने शुरू कर दिए जिससे वेबसाइट के लिए आपको और डोमेन ऑप्शन मिल सके।

जिसका मतलब ये है कि डोमेन अब लैटिन-बेस्ड करैक्टर पर निर्भर नहीं रहे। उदाहरण के लिए, कुछ डोमेन चीनी, अरबी, हिंदी, तमिल अक्षरों में और यहां तक ​​कि सिरिलिक का इस्तेमाल भी करते हैं। दूसरे डोमेन niche-specific होते हैं, जैसे कि .biz जो की बिज़नेस वेबसाइटों के लिए होते है।

इस बात का भी ध्यान रहे कि कुछ TLD रिस्ट्रिक्टेड हैं। उदाहरण के लिए, .gov एक्सटेंशन का इस्तेमाल केवल सरकारी वेबसाइटें ही कर सकती हैं, .edu केवल एजुकेशन इंस्टिट्यूट ही इस्तेमाल कर सकते है।

  1. Country Code Top Level Domains (ccTLD)

जैसा कि इससे पहले वाले पॉइंट में बताया है, TLD कई प्रकार के होते हैं। अगर कंट्री कोड टॉप-लेवल डोमेन (ccTLD) की बात करे तो ये केवल स्पेसिफिक देशों में इस्तेमाल किए जाते हैं। एक देश का ccTLD दूसरा देश इस्तेमाल नहीं कर सकता।

उदाहरण के लिए, इंडिया का ccTLD .in है, आयरलैंड का .ie है, UK का (.co.uk), कनाडा का .ca, और US का .us हैं। अगर आप किसी डोमेन को लेना चाहते है और उसका .com वर्शन पहले ही किसी ने ले लिया है, तो ये सभी बेहतरीन ऑप्शन हो सकते हैं। भारत के उपलब्ध कुछ ccTLD लिस्ट

हालाँकि, इस बात का ध्यान रखें कि यदि आप इंटरनेशनल ऑडियंस को टारगेट कर रहे हैं, तो इस प्रकार का TLD में लिमिट हो सकती है। कई बिज़नेस एरिया के हिसाब से अलग अलग TLD का इस्तेमाल करते है, जैसे ऐमज़ॉन, जो US ऑडियंस के लिए amazon.com, इंडिया के लिए amazon.in, कनाडा के लिए amazon.ca और सिंगपुर के लिए amazon.sg। इसी तरह से गूगल, ऐमज़ॉन और कई दूसरी बड़ी कंपनियां कंट्री वाइज ऑडियंस को टारगेट करने के लिए उस कंट्री का डोमेन इस्तेमाल करती है।

ये कुछ ccTLD की लिस्ट है:

  • .us: United States
  • .in: India
  • .ch: Switzerland
  • .cn: China
  • .ru: Russia
  • .br: Brazil
  • .cs: Canada
  • .fr: France
  • .de: Germany
  • .it: Italy
  • .co.jp : Japan
  • .mx: Mexico
  • .nl: Netherlands
  • .pl: Poland
  • .sg: Singapore
  • .es: Spain
  • .tr: Turkey
  • .ae: UAE (United Arab Emirates)
  • .co.uk : UK (United Kingdom)
  1. Generic Top-Level Domain (gTLD)

इसके बाद जेनेरिक टॉप-लेवल डोमेन (gTLD) हैं। अब, हमारे पास चुनने के लिए TLD की एक नई पीढ़ी है (जिसे अक्सर “नया TLD” भी कहा जाता है)।

हमने इनमें से कुछ नए डोमेन जैसे .blog और .io को देखा है, लेकिन इनके अलावा कई और भी हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप एक योग स्टूडियो चलाते हैं, तो आप .com के जगह पर नए .yoga का ऑप्शन चुन सकते हैं। .tech, .space, .shop, और यहां तक ​​कि .art जैसे डोमेन ऑप्शन भी उपलब्ध हैं।

इसलिए, एक डोमेन चुनते समय, आप इस बारे में सोचना चाहेंगे कि आपके ब्रांड और आपके ऑडियंस के लिए सबसे अच्छा डोमेन कौन सा होगा और कुछ ऐसा चुनें जो आसानी से याद रहे। आखिरकार, आप चाहेंगे कि लोग आपकी वेबसाइट को याद रखें, जिससे वे बार-बार वापस आए।

ये gTLD की पूरी लिस्ट है जो रजिस्ट्रेशन के लिए उपलब्ध हैं

  1. Second-Level Domain (SLD)

अभी तक साइट के डोमेन नाम के TLD सेक्शन के बारे में बताया है। लेकिन, बाकी URL के बारे में क्या? URL बाकि हिस्से के बारे में तो बात ही नहीं हुई है। सेकेंड-लेवल डोमेन (SLD) इसी बारे में हैं।

आइए एक उदाहरण से समझते है, इस URL को देखें: www.webjanakari.in। इसमें “webjanakari” एक SLD है। जैसा कि हमने देखा, .com TLD और .in ccTLD है। SLD वो है जो डोमेन एक्सटेंशन के तुरंत पहले आता है। google.com में google एक SLD है, amazon.in में amazon एक SLD।

SLD वह है जिसे लोग आपकी वेबसाइट से जुड़ते है और आपकी वेबसाइट को जानते है। इसलिए कुछ समय निकाल करके और अपनी डोमेन नाम पर विचार जरूर करना।

  1. Third-Level Domain (Sub-Domain)

थर्ड-लेवल डोमेन कर्म में सेकंड लेवल डोमेन से नीचे होते हैं। वे अपने आप में एक कम्पलीट डोमेन नाम नहीं हैं, बल्कि डोमेन नाम का एक हिस्सा हैं। इसे सब-डोमेन भी कहा जाता है।

उदाहरण के लिए, “www.webjanakari.in” डोमेन नाम में, ‘www‘ थर्ड-लेवल डोमेन है। या फिर आप अपनी साइट में एक एडिशनल सेक्शन बनाने के लिए सब-डोमेन का इस्तेमाल करते हैं, तो वो भी एक थर्ड-लेवल डोमेन ही कहलाएगा।

थर्ड-लेवल डोमेन ये कुछ उदाहरण:

  • www.webjanakari.in
  • blog.webjanakari.in
  • design.webjanakari.in

‘www’ के जगह पर अगर ‘blog’, ‘design’ या और कुछ भी होता तो वो भी थर्ड-लेवल डोमेन या सब-डोमेन या सब-सेक्शन ही कहलाता है।

आपको पूरी तरह डोमेन नाम करके उसके के लिए आपको थर्ड-लेवल डोमेन नाम की जरुरत नहीं है। उदाहरण के लिए, ‘webjanakari.in’ टाइप करेंगे तब भी ये पूरी तरह से काम करेगा। ‘www’ जो डोमेन नामों की आवश्यकता जो पहले हुआ करती थी, अब जरुरी नहीं है।

अगर आपको अपने मौजूदा डोमेन में सबडोमेन की जरुरत पड़ती है तब आप थर्ड-लेवल डोमेन नाम का इस्तेमाल कर सकते है। सबडोमेन का इस्तेमाल कई अलग अलग कारणों से किया जाता है, जैसे की:

  • ब्लॉग होस्ट: एक अलग कंटेंट हब बनाने के लिए आप अपने ब्लॉग को ‘blog.mysite.com’ जैसे सबडोमेन पर होस्ट कर सकते हैं।
  • रिसोर्स सेक्शन बनाना: अगर आपके वेबसाइट पर कोई रिसोर्स, ट्यूटोरियल या हेल्प सेक्शन है, तो आप इसे ‘support.mysite.com’ या ‘help.mysite.com’ या ‘tutorial.mysite.com’ जैसे सबडोमेन पर होस्ट कर सकते हैं।
  • ऐप को होस्ट करना: अगर आपके पास वेब-बेस्ड ऐप है, तो आप ‘app.mysite.com’ जैसे उप डोमेन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन स्टोर बनाना: ऑनलाइन स्टोर को कई अलग अलग सॉफ़्टवेयर, प्रोग्राम और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल की जरुरत होती है। इसे अपनी पूरी साइट पर लागू करने के बजाय, आप अपना स्टोरफ्रंट चलाने के लिए ‘store.mysite.com’ जैसे सबडोमेन का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  1. Premium Domain

कभी-कभी जब आप एक डोमेन नाम की तलाश में होते हैं, तो आप देखेंगे कि जो आप चाहते हैं वह पहले ही ले लिया गया है। इसका मतलब है कि यह एक प्रीमियम डोमेन है – एक ऐसा डोमेन जिसका मालिक कोई और है।

अच्छी खबर ये है कि जरूरी नहीं कि आपको उस डोमेन को छोड़ना पड़े। अक्सर लोग डोमेन नाम खरीदेंगे और उनका इस्तेमाल नहीं करेंगे। वे उन डोमेन को खरीद कर रखलेते है और फिर उसे ज्यादा डैम में बेचते है।

आमतौर पर, ऐसे डोमेन में बहुत ज्यादा कीमत मांगते है। ये कुछ हजारो या लांखो में भी हो सकती है। ऐसे डोमेन इसलिए खरीदे गए होंगे क्योंकि वे छोटे हैं और उनकी डिमांड ज्यादा होगी।

तो अब आप सोच रहे होंगे की क्या करे और उसी नाम डोमेन कहा से ले? तो निराश होने जरुरत नहीं है। इसे आप कोई दूसरा डोमेन खरीद सकते है या फिर उसी नाम का अगर .com डोमेन नहीं मिल रहा है तो .in या कोई दूसरा एक्सशन का डोमेन ले सकते हो जो मिल रहा हो।

अगर आप डोमेन और होस्टिंग सस्ते में चाहते हो तो में आपको होस्टिंगर की सलाह दूंगा क्यूंकि होस्टिंगर में आपको प्रीमियम सर्विस काफी सस्ते में और वो भी लम्बे समय के लिए मिल जगी जिसके लिए दूसरी होस्टिंग साइट आपसे काफी ज्यादा पैसे लेती। आप कुछ चेक कर सकते है।

डोमेन नाम और URL में क्या अंतर है?

डोमेन नाम और URL दोनों ही अलग है लेकिन ब्राउज़र के लिए दोनों एक ही है और दोनों एक दूसरे से जुड़े हुए है क्यूंकि दोनों एक तरह से ही काम करते है। URL के बारे में विस्तार से जानने के लिए इसे पढ़े

हालाँकि दोनों ही दिखने एक जैसे ही दीखते है लेकिन फिर भी दोनों में अंतर है।

डोमेन बिना URL के भी काम कर जाता है लेकिन बिना डोमेन के URL नहीं काम करेगी। ‘www.webjankari.in‘ एक डोमेन नाम है और ‘https://www.webjankari.in/domain-name-in-hindi‘ एक URL है। डोमेन को URL कह सकते है लेकिन URL कभी डोमेन नाम नहीं कहा जाता है।

URL इंटरनेट पर एक पूरा एड्रेस होता है जो किसी डोमेन पर एक स्पेसिफिक पेज का पता बताता है। ये वेब ब्राउज़र को किसी दिए गए पेज, रिसोर्स, या मीडिया को पहचानने और उसे दिखाने के लिए सभी जरुरी जानकारी देता है।

डोमेन नाम तकनीकी रूप से IP एड्रेस के जगह पर किया जाता है। इसके जरिए हम वेबसाइट को एक्सेस कर सकते है। डोमेन नाम आपकी वेबसाइट का नाम और एक्सटेंशन होता है। यानि की TLD और SLD को मिला कर बनता है। TLD और SLD के बारे में ऊपर बताया हुआ है।

डोमेन नाम फ्री होता है या इसे खरीदना होता है?

अब आप डोमेन नाम के बारे में जान चुके है। आइए जानते है की डोमेन नाम कहा से हमें मिल सकता है।

सबसे पहले तो मैं बताना चाहूंगा की डोमेन हमें फ्री भी मिल सकता है और हम उसे खरीद भी सकते है। अब आप सोच रहे होंगे की अगर ये फ्री में मिल सकता है तो हमें क्यों इसे खरीद कर पैसो को बर्बाद करे? लेकिन फ्री डोमेन और पेड डोमेन दोनों के कुछ फायदे और नुकसान है। चलिए पहले इनके फयदे और नुकसान की बात करते है।

मुफ़्त और ख़रीदे गए डोमेन के फायदे और नुकसान

  1. फ्री डोमेन लेने के फायदे और नुकसान
फायदे
  • ये हमें फ्री में मिल जाते है। जिसके लिए हमें कभी भी पैसे नहीं देने होते है।
  • फ्री डोमेन में आपको .tk / .ml / .ga / .cf / .gq जैसे डोमेन ही मिलते है। जो की लाइफटाइम के लिए होते है।
  • TLD डोमेन हमें एक साल के लिए ही फ्री में मिलते है।
  • टेम्पररीली वेबसाइट या टेस्टिंग के लिए एक दम सही होते है।
  • किसी भी फ्री या पेड होस्टिंग साइट में इसका इस्तेमाल कर सकते है।
नुकसान
  • TLD डोमेन केवल एक साल के लिए ही फ्री मिलते है उसके बाद इन्हे खरीदना पड़ता है।
  • केवल .tk / .ml / .ga / .cf / .gq जैसे डोमेन ही फ्री में मिलते है TLD डोमेन को खरीदना पड़ता है।
  • .tk / .ml / .ga / .cf / .gq जैसे डोमेन पर कोई भरोसा नहीं करता है, ना ही विजिटर और ना ही सर्च इंजन।
  • इससे आपकी SEO रैंक पर असर पड़ सकता है।
  • फ्री डोमेन देने वाली ज्यादातर साइट भरोसे की नहीं होती है।
  • TLD डोमेन फ्री लेने के लिए या तो आपको डोमेन १ साल से ज्यादा के लिए खरीदना होगा या फिर होस्टिंग के साथ खरीदना होगा। तभी TLD डोमेन फ्री में मिलेगा।
  • फ्री डोमेन सर्विस साइट पर आपको सपोर्ट मिलेगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती है।
  1. डोमेन खरीदने के फायदे और नुकसान
फायदे
  • डोमेन नाम खरीदने से आपको TLD डोमेन मिलता है। जो भरोसे वाला होता है।
  • TLD डोमेन पर सभी सर्च इंजन और विजिटर भरोसा करते है साथ ही आपकी SEO रैंक भी बढ़ती है।
  • फ़ास्ट स्पीड मिलती है और सभी भरोसे वाली होस्टिंग साइट आसानी से जोड़ और हटा सकते है जैसे की होस्टिंगर।
  • कोई भी प्रॉब्लम होने पर कस्टमर सर्विस को बोल सकते है जिससे वो उस प्रॉब्लम को ठीक कर देंगे है।
  • डोमेन पर पूरा कंट्रोल होता है किसी भी तरह की कोई लिमिट नहीं होती है।
  • ज्यादा महंगे नहीं होते है। 500 या 600 में साल भर के लिए मिल जाते है।
नुकसान
  • हमें इसके लिए पैसे देने होते है।
  • एक साल के लिए फ्री मिलता है उसके बात रीनीव करना होता है।
  • फ्री डोमेन लेने के लिए साथ में होस्टिंग खरीदनी होती है तभी डोमेन फ्री मिलता है।
  • हर बार रीनीव करना होता है। यानि की हर साल पैसे देने होंगे डोमेन को इस्तेमाल करने के लिए।

मैं भी आपको यही सलाह दूंगा की फ्री डोमेन खभी ना ले। अगर आप किसी ब्लॉग या वेबसाइट पर काम कर रहे है या क्लाइंट के लिए वेबसाइट बना रहे तो डोमेन होस्टिंगर जैसी ट्रस्टबल साइट से ही ख़रीदे।

अगर आप साइट को टेस्ट करना चाहते है या टेम्पररीली बना रहे है प्रीजेंटेशन के लिए या स्कूल / कॉलेज में दिखाने के लिए तो फिर आप फ्री डोमेन का इस्तेमाल कर सकते है।

कैसे तय करें कि वेबसाइट के लिए कौन सा डोमेन नाम सबसे अच्छा है?

इसके लिए, सबसे पहले आपको अपनी वेबसाइट या ब्लॉग का यूनिक नाम सोचना होगा तभी आपको साइट नाम का डोमेन आसानी से मिल पाएगा।

दूसरा, अगर हो सके तो कोशिश करे की जो नाम अपने सोचा है वो छोटा और एक शब्द का हो जिससे याद रखने में आसानी हो।

कोशिश करे की नाम में किसी भी तरह का नंबर, हायफ़न (‘-‘) या दूसरा कोई भी सिंबल ना हो और हो सके तो TLD डोमेन लेनी की ही कोशिश करे।

खुद के ब्लॉग या वेबसाइट के लिए डोमेन कहाँ से मिलेगा?

अगर आप भी खुद की कोई वेबसाइट या कोई ब्लॉग तैयार करना चाहते है तो आपको भी उसके लिये एक डोमेन नाम की जरुरत पड़ेगी। अब आप सोच रहे होंगे की भरोसे वाला डोमेन नाम प्रोवाइडर कहाँ से मिलगा? 

निचे कुछ भरोसेमंद डोमेन नाम प्रोवाइडर की लिस्ट दी गई है, जहा से आप डोमेन नाम खरीद सकते है:

  • Hostinger (सबसे सस्ती डोमेन और प्रीमियम होस्टिंग प्रोवाइडर)
  • GoDaddy
  • BigRock
  • BlueHost
  • Hostgator
  • Namecheap
  • DreamHost

पूरी दिनया में कई दूसरे डोमेन रजिस्ट्रार और रिसेलर हैं जिन्हें हमने लिस्ट में शामिल नहीं किया है, जिनमें Hover, Google Domains, Tucows, 1&1 Ionos, Shopify, eNom, Name.com, Namesilo, आदि शामिल हैं।

क्यूंकि मैं वही बताता हु जो मेने इस्तेमाल किया और बेस्ट सर्विस देता है। मैंने होस्टिंगर का इस्तेमाल किया है और ये अभी तक की सबसे सस्ती डोमेन और प्रीमियम होस्टिंग प्रोवाइडर कंपनी है।

मैं आपको होस्टिंगर से ही डोमेन नाम या होस्टिंग खरीदने की सलह दूंगा। क्यूंकि जहा पर दूसरी होस्टिंग साइट आपको 5000 में एक साल की होस्टिंग देती है वही ये आपको उसी प्राइस में 4 साल ताकि की होस्टिंग देती है और साथ ही एक साल का डोमेन भी फ्री देती है।

हालाँकि एक साल के बाद आपको डोमेन और 4 साल बाद होस्टिंग रीन्यू करना होगा। इसका बेस्ट पार्ट ये है की अगर कोई भी प्रॉब्लम आती है जो आपसे सही नहीं हो पाती है तो आप इनके कस्टमर केयर को बोल सकते हो वो इसे आपके लिए सही कर देंगे।

सबसे सस्ती डोमेन और प्रीमियम होस्टिंग प्रोवाइडर
सबसे सस्ती डोमेन और प्रीमियम होस्टिंग प्रोवाइडर

होस्टिंगर की रेटिंग देख कर फिर फैसला करे की आपको इसकी सर्विस लेनी चाहिए या नहीं। अगर आप इस आर्टिकल में दिए गए एफिलिएट लिंक से होस्टिंगर पर कोई सी भी सर्विस खरीदते है तो उससे मुझे कुछ कमीशन मिलेगा और आपको सर्विस में डिस्काउंट मिल जाएगा।

अगर ये जानकारी आपको अच्छी लगी हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों, परिवार जनो और सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे और हम से जुड़े रहने और लेटेस्ट अपडेट के लिए आप हमें Facebook पर फॉलो करे।

Dharmendra Author on Web Janakari

मेरा नाम धर्मेंद्र मीणा है, मुझे तकनीक (कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन्स, सॉफ्टवेयर, इंटरनेट, इत्यादि) से सम्बन्धी नया सीखा अच्छा लगता है। जो भी में सीखता हु वो मुझे दुसरो के साथ शेयर करना अच्छा लगता है। इस ब्लॉग को शुरू करने का मेरा मकसद जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगो तक हिंदी में पहुंचना है।

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